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संदेश

दाँव उल्टा पड़ा: राहुल गांधी के रूप में हम एक साधारण इंसान को नायक होते देख रहे हैं

-  अमिता नीरव  संघ औऱ बीजेपी ने राहुल गाँधी पर जो सोचकर ‘इन्वेस्ट’ किया था, उसके परिणाम गंभीर रूप से नुकसानदेह आ रहे हैं। ये थोड़ी अटपटी बात लग सकती है, लेकिन सोचिएगा कि संघ और बीजेपी ने राहुल गाँधी को जितना गंभीरता से लिया, उनकी संभावनाओं को लेकर वे जितना श्योर थे, उतना तो खुद राहुल और कांग्रेस भी नहीं थी।
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एक बहुत बड़ा झूठ: मुसलमानों की आबादी बढ़ती रही तो हिन्दू अल्पसंख्यक बन जाएंगे

- राम पुनियानी  चुनावी मौसम जैसे-जैसे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे समाज को बांटने वाला प्रचार भी अपने चरम पर पहुँच रहा है. भाजपा के मुख्य प्रचारक स्वयं प्रधानमंत्री मोदी है. इस चुनाव में उनका पूरा नैरेटिव इस झूठ के  आसपास बुना गया है कि अगर इंडिया गठबंधन सत्ता में आया तो वह सारी सुविधाएं और लाभ केवल मुसलमानों को देगा. हर चीज़ पर मुसलमानों का पहला हक होगा और संविधान में इस तरह के बदलाव किये जाएंगे जिससे हिन्दू इस देश के दूसरे दर्जे के नागरिक बन जाएंगे. मोदीजी हमें जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास “नाइनटीन एट्टी-फोर”  की याद दिलाता है, जिसमें सच को सिर के बल खड़ा कर दिया जाता है. हिन्दुओं में यह डर पैदा किया जा रहा है कि देश में मुसलमान सारे विशेषाधिकार हासिल कर लेंगे.

બે પુખ્ત યુવક-યુવતીન જીવનસાથી બનવા નક્કી કરે તો સત્તાધારીઓના પેટમાં કેમ ગોળો ચઢે છે?

- બિપિન શ્રોફ   “લવ જેહાદ”! કેવો લાગ્યો આ  શબ્દ?  શું મારુ કે તમારું નાકનું ટેરવું તો ચઢી ગયું  નથી ને? લખનાર અને વાંચનાર બે માંથી કોઈના મા-બાપની કોઈ ગરાશ તો લૂંટાઈ ગઈ નથી ને ? એ તો જેને વીતે તેને ખબર પડે? પરોપ દેશે પાંડિત્યમ! કેમ? ખરી વાત ને? 

बिहार के ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहरों की परिक्रमा का रोमांचक अवसर

- सुमन्त शरण  कुछ दिन पहले एक सुदूर ग्रामीण अंचल (पीरपैंती)  से तकरीबन डेढ़-दो घंटे की दूरी पर अवस्थित ऐतिहासिक बौद्ध विक्रमशिला विश्वविद्यालय (के अवशेषों) की परिक्रमा का अवसर मिला। विक्रमशीला विश्वविद्यालय की स्थापना पाल वंश के राजा धर्मपाल ने की थी। 8वीं शताब्दी से 12वीं शताब्दी के अंत तक यह विश्वविद्यालय भारत के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में से एक हुआ करता था। कहा जाता है कि यह अपने कुछेक अत्यंत अनूठे नवाचार के चलते उस समय नालंदा विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी था। हालांकि, मान्यता यह भी है कि अल्प अवधि के लिए दोनों विश्वविद्यालय के बीच शिक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्रों में घनिष्ठ पारस्परिक संबंध एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान का सिलसिला भी रहा था। यह विश्वविद्यालय तंत्रशास्त्र की पढ़ाई के लिए सबसे ज्यादा विख्यात था। इस विषय का एक सबसे विख्यात छात्र अतीसा दीपनकरा था, जो बाद में तिब्बत जाकर बौद्ध हो गया। इसके प्रथम कुलपति ज्ञान अतिस थे।

रैंकिंग: अधिकांश भारतीय विश्वविद्यालयों का स्तर बहुत गिरा, इस साल भी यह गिरवाट जारी

- प्रमोद रंजन*  अप्रैल, 2024 में भारतीय विश्वविद्यालयों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उच्च रैंकिंग की चर्चा रही। मीडिया ने इसका उत्सव मनाया। लेकिन स्थिति इसके विपरीत है। वैश्विक विश्वविद्यालय रैंकिग में अच्छा स्थान मिलने की खबरें, कुछ संस्थानों को इक्का-दुक्का विषयों में मिले रैंक के आधार पर चुनिंदा ढंग से प्रकाशित की गईं थीं। वास्तविकता यह है कि हाल के वर्षों में हमारे अधिकांश विश्वविद्यालयों का स्तर बहुत गिर गया है। इस साल भी यह गिरवाट जारी रही है।

नोएडा में मैन्युअल स्कैवेंजर्स की मौत: परिवारों को मुआवजा नहीं, प्राधिकरण ने एफआईआर नहीं की

- अरुण खोटे, संजीव कुमार*  गत एक सप्ताह में, उत्तर प्रदेश में सीवर/सेप्टि क टैंक सफाई कर्मियों की सफाई के दौरान सेप्टिक टैंक में मौत। 2 मई, 2024 को, लखनऊ के वज़ीरगजं क्षेत्र में एक सेवर लाइन की सफाई करते समय शोब्रान यादव, 56, और उनके पत्रु सशुील यादव, 28, घटुन से हुई मौत। एक और घटना 3 मई 2024 को नोएडा, सेक्टर 26 में एक घर में सेप्टि क टैंक को सफाई करते समय दो सफाई कर्मचर्मारी नूनी मडंल, 36 और कोकन मडंल जिसे तपन मडंल के नाम से जानते हैं, की मौत हो गई। ये सफाई कर्मचर्मारी बंगाल के मालदा जिले के निवासी थे और नोएडा सेक्टर 9 में रहते थे। कोकन मडंल अपनी पत्नी अनीता मडंल के साथ रहते थे। इनके तीन स्कूल जाने वाले बच्चे हैं जो बंगाल में रहते हैं। नूनी मडंल अपनी पत्नी लिलिका मडंल और अपने पत्रु सजुान के साथ किराए पर झग्गी में रहते थे। वे दैनिक मजदरूी और सफाई कर्मचर्मारी के रूप में काम करते थे।

प्राचीन भारत के लोकायत संप्रदाय ने कुछ परजीवियों की खूब खबर ली: प्रमुख प्रस्थापनायें

- राणा सिंह   भारत में परजीवियों का एक विशाल समूह है जो बोलता है कि “सब कुछ माया है”,  लेकिन व्यवहार में यह समूह सारी जिंदगी इसी “माया” के पीछे पागल रहता है।  प्राचीन भारत के लोकायत संप्रदाय ने इन परजीवियों की खूब खबर ली थी।

ભારતમાં જિસસ ક્રાઈસ્ટના દર્શન, ખ્રિસ્તી ધર્મના આગમનને કારણે સમાજ વ્યવસ્થામાં પરિવર્તન

- ઉત્તમ પરમાર  મારી કિશોર અવસ્થામાં કેટલાક ચિત્રો અને મૂર્તિઓએ હૃદયમાં એવું સ્થાન જમાવ્યું છે કે આજદિન પર્યંત  ઉત્તરોઉત્તર વિકસતું જ રહ્યું છે. પ્રેમ કરુણાના મૂર્તિમંત અવતાર  જિસસ ક્રાઈસ્ટને વધુસ્તંભે ચઢાવેલી મૂર્તિ  મારી કોઈપણ ધર્મ વિશેની સમજ નહોતી ત્યારથી મારા હૃદયમાં સ્થાપિત થયેલી છે. મારા ઘરની દિવાલ પર વધસ્તંભે ચઢેલા જીસસની પ્રતિમા જોઈને કોઈ મને પૂછી બેસતું કે તું ક્રિશ્ચન છે?

मोदी के झूठ और नफरत के सैलाब की वजह: संघ परिवार की मजबूत प्रचार मशीनरी

- राम पुनियानी  भाजपा की प्रचार मशीनरी काफी मजबूत है और पार्टी का पितृ संगठन आरएसएस इस मशीनरी की पहुँच को और व्यापक बनाता है. आरएसएस-भाजपा के प्रचार अभियान का मूल आधार हमेशा से मध्यकालीन इतिहास को तोड़मरोड़ कर मुसलमानों का दानवीकरण और जातिगत व लैगिक पदक्रम पर आधारित प्राचीन भारत की सभ्यता और संस्कृति का महिमामंडन रहा है. संघ परिवार समय-समय पर अलग-अलग थीमों का प्रयोग करता आया है. एक थीम यह है कि मुस्लिम राजाओं ने हिन्दू मंदिरों को तोड़ा. राममंदिर आन्दोलन का मूल सन्देश यही था. फिर देश की सुरक्षा भी एक प्रमुख थीम है, जिसमें पाकिस्तान को भारत का दुश्मन बताया जाता है. बाबरी मस्जिद को ढहाए जाने के पहले वे अन्य मुस्लिम-विरोधी थीमों के अतिरिक्त, मुसलमानों के भारतीयकरण की बात भी किया करते थे.

रोहिथ की मां राधिका वेमुला के साथ अखिल भारतीय नारीवादी बहनापा और एकजुटता

- अखिल भारतीय नारीवादी मंच  प्रिय राधिका जी, जय भीम। हम अखिल भारतीय नारीवादी मंच (ALIFA) के अधोहस्ताक्षरित सदस्य , आपके साथ अपना अटूट समर्थन और एकजुटता व्यक्त करते हैं, ऐसे समय में, जब आप रोहित की पहचान मिटाने के खिलाफ, एक और संघर्ष करने के लिए मजबूर हैं। हम आपके दर्द और पीड़ा को समझते हैं। साथ ही हम, रोहित के लिए, आपके लिए, और देश के सभी दलितों के लिए न्याय और सम्मान की लड़ाई को आगे बढ़ाने की आपके संकल्प को भी सलाम करते हैं।

રાજસત્તા, ધર્મસત્તા અને અર્થસત્તા ભેગી થઈ લોકોનું શોષણ કરી શકે તેનો ઇતિહાસ રચાઈ રહ્યો છે

- હેમંતકુમાર શાહ   લોકશાહી અને માનવ અધિકારો વિશે કશી ગતાગમ ન પડતી હોય એવા બધા ધધૂપપૂ ૧૦૦૮ આજકાલ નીકળી પડ્યા છે મોદીની અને ભાજપની ભાટાઈ કરવા. ચેતો, આ ભગવાધારીઓ તમારા પૈસે જાતજાતના મસમોટા આશ્રમોમાં તાગડધિન્ના કરે છે. આવા શ્વેતધારી કે ભગવાધારી સાધુઓએ મોટે ભાગે રામાયણ, મહાભારત, વેદ કે ઉપનિષદો વગેરે વાંચ્યાં હોતાં જ નથી.

झारखंड में प्रधान मंत्री मोदी नफ़रत फैला के चले गए लेकिन चुनाव आयोग की नींद न खुली

- झारखंड जनाधिकार महासभा  लोकतंत्र बचाओ 2024 अभियान का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार से मिला व प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध एक शिकायत किया. प्रधान मंत्री अपने हाल के झारखंड के भाषणों में आदर्श आचार संहिता और लोक प्रतिनिधित्व क़ानून का व्यापक उल्लंघन किये हैं। हालाँकि शिकायत में प्रधान मंत्री के द्वारा बोली गयी सभी भड़काऊ व साम्प्रदायिक बातों का विस्तृत ब्यौरा था, और यह भी कि आचार संहिता व लोक प्रतिनिधित्व क़ानून की कौन कौन सी धाराओं का उल्लंघन हुआ है, लेकिन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शिकायत पर कोई भी कार्रवाई करने की मंशा नही दिखाई।

સરકારી તંત્ર અને લશ્કર પર કબજો કરવાનાં આર.એસ.એસ. ના ષડ્યંત્ર નો દસ્તાવેજ

- વાલજીભાઈ પટેલ  તા-૨૬/0૪ ના ઇન્ડિયન એક્સપ્રેસના એક લેખમાં આર..એસ.એસ.  દ્વારા સરકારી વહીવટી તંત્ર અને લશ્કર પર ચુપચાપ કાબુ કરવાના ષડ્યંત્રનાં પૂરાવાઓ રજુ થયા છે. મોદી સરકારના ૧૦ પ્રધાનોમાંથી ૭ પ્રધાનો માત્ર આર.એસ.એસ. નાં છે. રાજ્યોના ૧૦ ગવર્નરમાંથી ૪ ગવર્નરો આસ.એસ.એસ.ના પ્રચારક અને સ્વયંમસેવક છે. ભાજપ શાસિત ૧૨ રાજ્યોમાંથી ૮ રાજ્યોના મુખ્ય મંત્રીઓ અને નાયબ મુખ્ય મંત્રીઓ આર.એસ.એસ.ના સ્વયં સેવકો છે. વહીવટી તંત્રમાં ઉચ્ચ કક્ષાના અધિકારીઓમાં ચૂપચાપ આર.એસ.એસ.ના સ્વયંમસેવકો અને આર.એસ.એસ.ની વિચારધારાવાળા લોકોને ગોઠવી દેવામાં આવ્યા છે.