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रोहिथ की मां राधिका वेमुला के साथ अखिल भारतीय नारीवादी बहनापा और एकजुटता

- अखिल भारतीय नारीवादी मंच 

प्रिय राधिका जी,
जय भीम। हम अखिल भारतीय नारीवादी मंच (ALIFA) के अधोहस्ताक्षरित सदस्य, आपके साथ अपना अटूट समर्थन और एकजुटता व्यक्त करते हैं, ऐसे समय में, जब आप रोहित की पहचान मिटाने के खिलाफ, एक और संघर्ष करने के लिए मजबूर हैं। हम आपके दर्द और पीड़ा को समझते हैं। साथ ही हम, रोहित के लिए, आपके लिए, और देश के सभी दलितों के लिए न्याय और सम्मान की लड़ाई को आगे बढ़ाने की आपके संकल्प को भी सलाम करते हैं।
तेलंगाना पुलिस द्वारा 'क्लोजर रिपोर्ट' दाखिल करने का हालिया घटनाक्रम, जिसमें कहा गया है कि रोहित दलित नहीं थे, उनके जीवन, एक प्रतिभाशाली छात्र के रूप में उनके संघर्ष, उनके अंबेडकरवादी सिद्धांतों, और ब्राह्मणवादी उत्पीड़न के प्रति उनके प्रतिरोध का अपमान है और उनकी संस्थागत हत्या के पीछे के भयावह परिस्थितियों को नकारना है। यह प्रतिगामी रिपोर्ट उनकी याद को मिटाने की कोशिश करती है और रोहित के लिए न्याय और सम्मान की तलाश में आपकी - उनकी बहादुर मां, उनके परिवार, छात्रों और दोस्तों के अथक प्रयास का अपमान करती है।
 रोहित की 'मौत' संस्थागत अन्याय और गहरे भेदभाव और हिंसा की पहचान हैं, जिसे दलितों को संवैधानिक सुरक्षा के बावजूद, सामना करना पड़ता है, और यह पुलिस रिपोर्ट उस उत्पीड़न की एक और अभिव्यक्ति है। रोहित की दलित पहचान को मिटाने का प्रयास सिर्फ़ उनके जीवन और अनुभवों को नकारना नहीं है; यह आपका भी संघर्ष और हमारे देश में लाखों दलितों द्वारा सामना किए गए संघर्षों को भी नकारना है। यह उनकी गरिमा, उनकी आकांक्षाओं और न्याय के अधिकार का अपमान है।
राधिका जी, रोहित के जीवन, संघर्ष और स्मृति को धूमिल होने से बचाने और उनके प्रतिरोध की विरासत को जीवित रखने के लिए आपका अटूट संकल्प आपकी शक्ति और साहस का प्रमाण है। 'मदर्स फॉर नेशन' के रूप में - फातिमा जी (नजीब की मां), आबिदा जी (डॉ. पायल तड़वी की मां) और कई अन्य लोगों के साथ - अकल्पनीय चुनौतियों और अपमान के आगे, न्याय के लिए आपकी निरंतर लड़ाई हम सभी को प्रेरित करती है। हम आपके साहस और प्रतिबद्धता से प्रेरित होकर, आपको सलाम करते हैं, और यह बताना चाहते हैं कि हम हर कदम पर आपके साथ हैं।
व्यापक छात्र और जन आक्रोश और मुख्यमंत्री के साथ आपकी बैठक के बाद, राज्य पुलिस ने न्यायालय की अनुमति से, मामले की आगे की जांच करने के अपने निर्णय को स्पष्ट किया है। इस स्थिति में, हम अधिकारियों से गहन और निष्पक्ष जांच करने की मांग करते हैं। हम यह भी मांग करते हैं कि रोहित की दलित पहचान को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया जाए और और उनकी ‘मौत’ के लिए ज़िम्मेदार लोगों, जिनमें हैदराबाद केन्द्रीय विश्व विद्यालय (एच.सी.यू) के पूर्व कुलपति और भाजपा- शासित केंद्र सरकार में, सत्ता के उच्च पदों पर बैठे लोग शामिल हैं, को न्याय के कटघरे में लाया जाए।
जैसा कि कांग्रेस सरकार ने बार-बार और हाल ही में भी वादा किया है, हम मांग करते हैं कि दलित, आदिवासी, पिछड़े पृष्ठभूमि के साथ-साथ धार्मिक अल्पसंख्यकों और लैंगिक हाशिए पर रहने वाले छात्रों के शिक्षा के अधिकार, गैर-भेदभाव, सुरक्षा और सम्मान के लिए रोहित वेमुला अधिनियम पारित किया जाए। इन सभी छात्रों के खिलाफ़ अपराध करने वालों को रोहित अधिनियम के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए।
प्रिय राधिका जी: आपकी न्याय की लड़ाई में आप बिल्कुल अकेली नहीं हैं। आप पूरे भारत के लाखों युवाओं के लिए लड़ रहीं हैं। और देश भर के लाखों लोग आपके साथ हैं। जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ़, रोहित और आपके न्यायपूर्ण संघर्ष, जवाबदेही, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग हेतु, आपके निरंतर प्रयासों में, हम सभी नारीवादी आपके साथ खड़े हैं। हम कंधे से कंधा मिलाकर, एकजुटता और बहनापे में, आपके साथ हैं। हम साथ मिलकर, लड़ेंगे, जीतेंगे !
अंधेरे से सितारों तक! रोहित वेमुला अमर रहे!
जय भीम, जय सावित्री!
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